प्रफुल खोड़ा पटेल (Praful Khoda Patel) की जीवनी -Wikipedia/Biography in Hindi

प्रफुल खोड़ा पटेल (Praful Khoda Patel) की जीवनी -Wikipedia/Biography in Hindi

praful khoda patel
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कौन हैं और क्यों हैं चर्चा में

कौन हैं

प्रफुल्ल खोड़ा पटेल एक भारतीय राजनेता हैं जो वर्तमान में 3 केंद्र शासित प्रदेशों लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव  के प्रशासक हैं।

प्रफुल्ल खोड़ा पटेल (Praful Khoda Patel) एक पूर्व भाजपा नेता हैं,पटेल ने अपना राजनीतिक करियर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ शुरू किया और 2007 में, प्रफुल्ल पटेल ने भाजपा के टिकट पर साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर निर्वाचन क्षेत्र से गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ा।

2007 में अपने राजनीतिक पदार्पण से पहले, प्रफुल्ल खोड़ा पटेल अपने सफल निर्माण व्यवसाय को चलाने से काफी हद तक संतुष्ट थे, जो नई सड़कों और राजमार्गों को बिछाने के लिए सरकारी अनुबंधों पर फलता-फूलता था।

1990 में जब भाजपा ने पहली बार गुजरात में अपनी सरकार बनाई तब प्रफुल्ल पटेल ने राज्य सरकार में नर्मदा विकास राज्य मंत्री रहे दिलीप पटेल के निजी सहायक के रूप में भी काम किया था।

बाद में वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) में शामिल हो गए और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में नागरिक उड्डयन और भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री के रूप में कार्य किया।

उन्होंने नरेंद्र मोदी के शासन काल में गुजरात के दो साल तक गृह राज्य मंत्री के तौर पर कार्य किया, जब वह मुख्यमंत्री थे।प्रफुल्ल खोड़ा पटेल का राजनीतिक करियर संयोगवश अगस्त 2010 में शुरू हुआ जब मोदी ने अपने प्रसिद्ध आश्चर्यों में से एक को आगे बढ़ाया और गुजरात के गृह राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के लिए कई वरिष्ठ भाजपा विधायकों के बजाय पटेल को चुना।तब उनके 10 में से 8 विभाग प्रफुल पटेल को मंत्री बना कर ही सौंपा गया था।

यह तब हुआ जब सोहराबुद्दीन शेख की कथित फर्जी मुठभेड़ के मामले में गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन गृह मंत्री अमित शाह को मोदी के नेतृत्व वाली गुजरात की मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देना पड़ा था।

अपनी पार्टी की जीत के बावजूद 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रफुल्ल खोड़ा पटेल हार गए, जिसके बाद वह काफी हद तक राजनीतिक सुर्खियों से बाहर हो गए

एनडीए सरकार द्वारा 2016 में उन्हें दोनों केंद्र शासित प्रदेशों (दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव)का प्रशासक नियुक्त किया गया था, जो केवल आईएएस अधिकारियों को पद पर नियुक्त करने की पहले की प्रथा से हटकर था।

अगस्त 2016 से जनवरी 2020 तक वो दमन एवं दीव के प्रशासक थे, जिसके बाद उन्हें दादर व नगर हवेली और फिर लक्षद्वीप का प्रशासक नियुक्त किया गया।

प्रफुल्ल खोड़ा पटेल लक्षद्वीप के प्रशासक के रूप में नियुक्त होने वाले एकमात्र राजनेता हैं।

सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारक पटेल राजनीति में आने से पहले एक सड़क ठेकेदार थे।

जीवन परिचय

प्रफुल्ल खोदाभाई पटेल का जन्म 28 अगस्त 1957 को गुजरात के मेहसाणा जिले के उंझा के पास उनावा में हुआ था।उनके पिता का नाम खोड़ाभाई रणछोड़भाई पटेल था।

उनके पिता खोड़ाभाई रणछोड़भाई पटेल आर एस एस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ) नेता थे, जिनकी पीएम मोदी से खासी नजदीकी थी।आरएसएस के किसान संगठन, भारतीय किसान संघ की गुजरात इकाई के कोषाध्यक्ष का पद संभाला।

प्रफुल्ल खोड़ा पटेल के बेटे का नाम सिद्धार्थ है।सिद्धार्थ वर्तमान में गुजरात भाजपा के सोशल मीडिया सेल के संयोजक हैं।

क्यों हैं चर्चा में

जब से लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक के रूप में पटेल की नियुक्ति हुई है , उन्होंने कई नीतिगत बदलावों का सुझाव दिया है जैसे कि:-

– बंदरगाह अधिकारियों को केरल में बेपोर बंदरगाह और कोचीन बंदरगाह के साथ संबंध काटने का निर्देश देना और सभी समुद्री एक्सचेंजों को न्यू     मैंगलोर बंदरगाह की ओर मोड़ना।

-पटेल के प्रशासन ने शराब प्रतिबंध हटा लिया, और बीफ (गोमांस) पर प्रतिबंध लगा दिया और स्कूल मध्याह्न भोजन योजना से मांस हटा दिया।

-इस प्रस्ताव का जमकर विरोध किया गया है और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रफुल्ल केपटेल आरएसएस के बीफ बैन के एजेंडे को लागू कर रहे   हैं।

-उन पर यह  भी आरोप है कि लक्षद्वीप में विभिन्न विभागों में संविदा कर्मचारी के तौर पर काम करने वाले लोगों को भी हटाया जा रहा है।

-प्रफुल्ल खोड़ा पटेल को लक्षद्वीप में कोरोना संक्रमण मामलों में आए उछाल के लिए दोषी ठहराया जा रहा है।

-पहले लक्षद्वीप में कोरोना के नियम काफी सख्त हुआ करते थे लेकिन अब उन नियमों में ढिलाई की गई पटेल का कहना है कि लक्षद्वीप की अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह बदलाव लाए गए थे।

-पटेल के प्रशासन ने तटरक्षक अधिनियम के उल्लंघन का हवाला देते हुए मछुआरों के तटीय शेड को भी ध्वस्त कर दिया।

-आदिवासी अधिकार अधिवक्ता और लोकसभा सांसद मोहनभाई संजीभाई देलकर ने 22 फरवरी 2021 को मुंबई के होटल सी ग्रीन में 15 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ कर फांसी लगा ली।

-सुसाइड नोट में राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को अन्याय और अपमान के लिए जिम्मेदार ठहराया गया और विशेष रूप से प्रफुल पटेल का नाम लिया गया जिसके बाद पटेल की काफी आलोचना हुई।

जीवनी/बायोग्राफी/विकिपीडिया

 

नाम प्रफुल्ल खोड़ा पटेल
जन्म 28 अगस्त 1957
उम्र 66 वर्ष,5 महीने
जन्मस्थान उनावा,गुजरात
पिता का नाम खोड़ाभाई रणछोड़भाई पटेल
माता का नाम ——-
शिक्षा सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
राजनीतिक कैरियर M.L.A (2007),गृह राज्य मंत्री,प्रशासक (3 केंद्र शासित प्रदेशों के)

प्रफुल खोड़ा पटेल की तस्वीरें

प्रफुल खोड़ा पटेल
प्रफुल खोड़ा पटेल

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